Tag: हिंदी
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भारत छोड़ो आंदोलन: 83वीं वर्षगांठ
परिचय भारत छोड़ो आंदोलन, जिसे ‘अगस्त क्रांति’ भी कहा जाता है, भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अंतिम और सबसे निर्णायक जन संघर्ष का प्रतीक है। 9 अगस्त, 1942 को महात्मा गांधी के स्पष्ट आह्वान पर शुरू हुआ यह आंदोलन, स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए राष्ट्र की सामूहिक इच्छाशक्ति की एक शक्तिशाली अभिव्यक्ति था। इसकी 83वीं…
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एकात्म मानववाद: शासन की नैतिक आधारशिला
भूमिका/Introduction आज के दौर में, जब शासन के समक्ष आर्थिक विकास और नैतिकता के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है, दर्शनशास्त्र आधारभूत नैतिक दिशा-निर्देश प्रदान करता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित एकात्म मानववाद (Integral Humanism) भारत के लिए एक विशिष्ट और समग्र शासन दर्शन है, जो समग्र विकास और मानवीय गरिमा पर जोर देता…
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भारत में पहली ‘Grassland Bird Census’
भूमिका / Introduction 2025 में असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में आयोजित पहली “Grassland Bird Census” ने भारत के घास के मैदानों की पारिस्थितिकी, जैवविविधता संरक्षण (Biodiversity Conservation) और पर्यावरण नीति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। UPSC की तैयारी के लिए यह केस-स्टडी जैविक विविधता के आंकलन, समुदाय-आधारित सहभागिता और SDG-15…
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UPSC Mains 2025 GS पेपर 4 विस्तृत विश्लेषण_ पाठ्यक्रम कवरेज, कठिनाई एवं रणनीति अंतर्दृष्टि
UPSC मुख्य परीक्षा 2025 सामान्य अध्ययन पत्र–4 (नैतिकता) में प्रश्नों के स्वरूप और फोकस में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा जा रहा है, जो समकालीन मुद्दों पर नैतिक सिद्धांतों के व्यावहारिक अनुप्रयोग पर अधिक बल देता है। यह विकास नैतिकता आधारित प्रश्नों में करेंट अफेयर्स के समावेश को बढ़ाता है, जिससे अभ्यर्थियों को केवल सैद्धांतिक समझ…
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UPSC मुख्य परीक्षा 2025 GS पेपर 3 विस्तृत विश्लेषण: पाठ्यक्रम कवरेज, कठिनाई और रणनीति अंतर्दृष्टि
UPSC मुख्य परीक्षा 2025 GS पेपर 3 ने स्थापित और प्रगतिशील विषयों का एक परिष्कृत मिश्रण प्रदर्शित किया, जिसने कठोरता और नवाचार के लिए परीक्षा की प्रतिष्ठा को मजबूत किया। इस वर्ष, पेपर ने मुख्य क्षेत्रों—आर्थिक नीतियों, तकनीकी परिवर्तन, स्थिरता, और आंतरिक सुरक्षा—में बारीकी से कैलिब्रेटेड प्रश्नों का चयन प्रदर्शित किया, लेकिन एक स्पष्ट रूप…
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भूकंप और सूनामी: भारत की संवेदनशीलता, भौगोलिक विश्लेषण
भूकंप (Earthquake) और सूनामी (Tsunami) सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाएँ मानी जाती हैं- इनकी अनिश्चितता और जनसंख्या बहुत क्षेत्रों में होने वाले व्यापक प्रभावों, भू-आकृतियों में होने वाले बदलावों के कारण ये विश्व और भारत दोनों की आपदा नीति की प्राथमिकता हैं। पिछले हफ्ते रूस, जापान और हवाई में आए 8.8 तीव्रता भूकंप–सूनामी के बाद, भारत…
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UPSC Mains 2025: Download Language Paper PDF
UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा की रणनीति बनाते समय अधिकांश अभ्यर्थियों का ध्यान सामान्य अध्ययन, वैकल्पिक विषयों और निबंध लेखन पर केंद्रित होता है। लेकिन, इन महत्वपूर्ण पेपर्स के अंकों का मूल्यांकन होने से पहले ही एक छिपा हुआ फिल्टर काम करता है — अनिवार्य भाषा प्रश्न पत्र। इनमें शामिल हैं: पेपर A: आठवीं अनुसूची…
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UPSC Mains 2025 के वैकल्पिक विषय: ट्रेंड, लोकप्रिय विषय, पैटर्न और महत्वपूर्ण जानकारी
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UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय (Optional Subjects) अभ्यर्थियों की अंतिम रैंकिंग निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जहाँ सामान्य अध्ययन (General Studies) के पेपर्स अभ्यर्थी की जागरूकता और विश्लेषणात्मक क्षमता की जाँच करते हैं, वहीं अक्सर वैकल्पिक विषय ही वह निर्णायक कारक होता है जो प्रतिस्पर्धी अंक सीमा में अंतर लाता है। इस व्यापक ब्लॉग…
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राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति: त्यागपत्र एवं संवैधानिक प्रावधान
भूमिका / Introduction भारत के राष्ट्रपति (President) और उप-राष्ट्रपति (Vice-President) देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद हैं, जिनकी नियुक्ति, इस्तीफे, पद रिक्ति और अधिकारों के प्रावधान संविधान के भाग 5 में अति स्पष्टता के साथ निर्धारित हैं। हाल ही में उप-राष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद, इन दोनों पदों की संवैधानिक प्रक्रियाएँ, उनका तुलनात्मक मूल्य और परीक्षा-उपयोगी…
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना: ‘समाजवाद’ और ‘पंथनिरपेक्ष’
भूमिका / Introduction भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) संविधान की आत्मा और उसके दर्शन का सार है। यह “न्याय (Justice)”, “स्वतंत्रता (Liberty)”, “समता (Equality)”, “बंधुता (Fraternity)”, “पंथनिरपेक्ष (Secularism)” और “समाजवाद (Socialism)” जैसे मूल्यों को प्रदर्शित करता है। वर्तमान संसद सत्र में “समाजवादी” और “पंथनिरपेक्ष” शब्दों को प्रस्तावना से हटाने की प्रस्तावित बहस ने UPSC के…