Tag: सिलेबस व PYQs
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राष्ट्रीय किसान दिवस (23 दिसंबर): भारतीय कृषि – स्थिति, चुनौतियाँ और भविष्य
प्रतिवर्ष 23 दिसंबर को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती को ‘राष्ट्रीय किसान दिवस’ (National Farmers’ Day) के रूप में मनाया जाता है। जहाँ यह दिवस ऐतिहासिक रूप से एक नेता के योगदान को याद करता है, वहीं UPSC के अभ्यर्थियों के लिए यह भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ – कृषि क्षेत्र –…
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सुशासन सप्ताह (19-25 दिसंबर): ‘प्रशासन गाँव की ओर’ अभियान
“स्वराज” (Self-rule) का सपना 1947 में पूरा हुआ, लेकिन “सु-राज” (Good Governance) एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। इसी उद्देश्य के साथ, भारत सरकार हर साल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती (25 दिसंबर) के उपलक्ष्य में 19 से 25 दिसंबर तक ‘सुशासन सप्ताह’ (Good Governance Week) मनाती है। इस सप्ताह का केंद्र बिंदु…
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अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस (18 दिसंबर): भारतीय डायस्पोरा और ‘सॉफ्ट पावर’
वैश्वीकरण के इस दौर में, प्रवासन (Migration) केवल लोगों की आवाजाही नहीं है, बल्कि यह विचारों, कौशल और संस्कृति का प्रवाह है। आज, 18 दिसंबर को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस (International Migrants Day) मनाया जा रहा है। भारत के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार,…
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संसद में ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ: ऐतिहासिक विरासत और राजनीतिक संदर्भ
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का वह उद्घोष, जिसने निहत्थे भारतीयों में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ खड़े होने का साहस भर दिया था, वह ‘वंदे मातरम’ आज अपनी रचना के 150वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान आज इस गीत की ऐतिहासिक यात्रा और राष्ट्र निर्माण में इसके योगदान पर विशेष…
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23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा और रणनीतिक साझेदारी
Introduction रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज, 4 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली पहुँच रहे हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” (Special and Privileged Strategic Partnership) की मजबूती का प्रतीक है। यूक्रेन संघर्ष और बदलती वैश्विक व्यवस्था के…
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ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ और भारत की आपदा कूटनीति
Introduction हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत की भूमिका केवल एक रणनीतिक शक्ति की नहीं, बल्कि एक ‘प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता’ (First Responder) की भी रही है। जब भी पड़ोस में कोई प्राकृतिक आपदा आती है, भारत सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, भारत ने श्रीलंका में चक्रवात ‘फेंगल’ (Cyclone…
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काशी-तमिल संगमम (चौथा संस्करण): सांस्कृतिक एकता का उत्सव
भारत की विविधता में एकता केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक जीवंत वास्तविकता है। इसी भावना को सशक्त करने के लिए, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत काशी-तमिल संगमम (Kashi-Tamil Sangamam – KTS) का चौथा संस्करण आज, 2 दिसंबर, 2025 को वाराणसी में शुरू हुआ है। यह आयोजन भारत की दो सबसे प्राचीन ज्ञान…
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हॉर्नबिल महोत्सव 2025: पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विरासत का उत्सव
‘त्योहारों का त्योहार’ (Festival of Festivals) के रूप में प्रसिद्ध, हॉर्नबिल महोत्सव नागालैंड का सबसे बड़ा वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम है। यह प्रत्येक वर्ष 1 दिसंबर से 10 दिसंबर तक आयोजित किया जाता है। यह महोत्सव केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह नागालैंड की समृद्ध जनजातीय विरासत को पुनर्जीवित करने, संरक्षित करने और बढ़ावा…
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AMR – एक ‘मूक महामारी’ (World Antimicrobial Awareness Week: AMR – A ‘Silent Pandemic’)
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance – AMR) को मानवता के सामने आने वाले शीर्ष 10 वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों में से एक घोषित किया है। आज, 18 नवंबर से शुरू हो रहे विश्व रोगाणुरोधी जागरूकता सप्ताह (WAAW) का उद्देश्य इस बढ़ते खतरे के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। विशेषज्ञों ने इसे…
