Tag: विषयवार रणनीति
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संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) – 80वां सत्र: भारत की भूमिका और वैश्विक चुनौतियाँ
परिचय संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA), संयुक्त राष्ट्र का मुख्य विचार-विमर्श, नीति-निर्माण और प्रतिनिधि अंग है, जिसमें सभी 193 सदस्य देश शामिल हैं। सितंबर 2025 में, दुनिया भर के नेता इसके 80वें सत्र के लिए न्यूयॉर्क में एकत्रित हुए हैं, जो गहन भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु संकट और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर धीमी प्रगति की पृष्ठभूमि…
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नैतिक दुविधाएँ
परिचय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वह प्रौद्योगिकी है जो कंप्यूटर सिस्टम को ऐसे कार्य करने में सक्षम बनाती है जिनके लिए सामान्य रूप से मानव बुद्धि की आवश्यकता होती है, जैसे सीखना, तर्क करना, समस्या-समाधान और निर्णय लेना। आज स्वास्थ्य, वित्त, कृषि से लेकर शासन तक हर क्षेत्र में AI का प्रभाव बढ़…
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विश्व ओजोन दिवस और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल: एक वैश्विक सफलता की गाथा
परिचय पृथ्वी के वायुमंडल में समताप मंडल (Stratosphere) में स्थित ओजोन परत (O3), सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरणों के लिए एक प्राकृतिक ढाल के रूप में कार्य करती है। यह परत पृथ्वी पर जीवन को त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और पारिस्थितिकी तंत्र को होने वाले अन्य गंभीर नुकसानों से बचाती है। 1980 के…
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भारत की Q1 GDP वृद्धि: विश्लेषण और भविष्य का दृष्टिकोण
परिचय किसी भी देश की आर्थिक सेहत का आकलन करने के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) एक महत्वपूर्ण पैमाना है। यह देश की आर्थिक गतिविधियों का एक समग्र चित्र प्रस्तुत करता है। हाल ही में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी किए गए नवीनतम आँकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा को…
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भारत-जापान संबंध: ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ से ‘अमृत काल’ तक
भारत और जापान के बीच की मित्रता सदियों पुरानी है, जिसकी नींव बौद्ध धर्म के प्रसार के साथ रखी गई थी। आधुनिक युग में, यह संबंध केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह एक “विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी” में बदल गया है। आज जब विश्व कई भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का…
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भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC): एक भू-रणनीतिक बदलाव ?
परिचय (Introduction) वैश्विक मंच पर, कनेक्टिविटी केवल भौतिक अवसंरचना का निर्माण नहीं है, बल्कि यह प्रभाव, व्यापार और रणनीति का एक शक्तिशाली उपकरण है। इसी संदर्भ में, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (India-Middle East-Europe Economic Corridor – IMEC) एक महत्वाकांक्षी बहु-राष्ट्रीय पहल के रूप में उभरा है। यह परियोजना न केवल तीन महाद्वीपों को जोड़ने का…
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भारत छोड़ो आंदोलन: 83वीं वर्षगांठ
परिचय भारत छोड़ो आंदोलन, जिसे ‘अगस्त क्रांति’ भी कहा जाता है, भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अंतिम और सबसे निर्णायक जन संघर्ष का प्रतीक है। 9 अगस्त, 1942 को महात्मा गांधी के स्पष्ट आह्वान पर शुरू हुआ यह आंदोलन, स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए राष्ट्र की सामूहिक इच्छाशक्ति की एक शक्तिशाली अभिव्यक्ति था। इसकी 83वीं…
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एकात्म मानववाद: शासन की नैतिक आधारशिला
भूमिका/Introduction आज के दौर में, जब शासन के समक्ष आर्थिक विकास और नैतिकता के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है, दर्शनशास्त्र आधारभूत नैतिक दिशा-निर्देश प्रदान करता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित एकात्म मानववाद (Integral Humanism) भारत के लिए एक विशिष्ट और समग्र शासन दर्शन है, जो समग्र विकास और मानवीय गरिमा पर जोर देता…
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भारत में पहली ‘Grassland Bird Census’
भूमिका / Introduction 2025 में असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में आयोजित पहली “Grassland Bird Census” ने भारत के घास के मैदानों की पारिस्थितिकी, जैवविविधता संरक्षण (Biodiversity Conservation) और पर्यावरण नीति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। UPSC की तैयारी के लिए यह केस-स्टडी जैविक विविधता के आंकलन, समुदाय-आधारित सहभागिता और SDG-15…
