अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस (18 दिसंबर): भारतीय डायस्पोरा और ‘सॉफ्ट पावर’

वैश्वीकरण के इस दौर में, प्रवासन (Migration) केवल लोगों की आवाजाही नहीं है, बल्कि यह विचारों, कौशल और संस्कृति का प्रवाह है। आज, 18 दिसंबर को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस (International Migrants Day) मनाया जा रहा है।
भारत के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय (Largest Diaspora) है। लगभग 3.5 करोड़ से अधिक भारतीय मूल के लोग विदेशों में रहते हैं, जो भारत की विदेश नीति में एक रणनीतिक संपत्ति (Strategic Asset) बन गए हैं।

इस वर्ष के प्रवासी दिवस का महत्व भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के साथ जुड़ा हुआ है। 2025 में, भारतीय डायस्पोरा न केवल आर्थिक शक्ति का स्रोत है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ (Soft Power) का सबसे मजबूत स्तंभ भी है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस दिन प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा और विकास में उनके योगदान को रेखांकित किया है। भारत के लिए, यह दिन खाड़ी देशों में काम करने वाले श्रमिकों (“Blue-collar”) से लेकर सिलिकॉन वैली के सीईओ (“White-collar”) तक, सभी के योगदान को स्वीकार करने का अवसर है।

डायस्पोरा का वर्गीकरण

  1. भारतीय प्रवासी समुदाय को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में समझा जा सकता है:
    अनिवासी भारतीय (NRIs): भारतीय नागरिक जो रोजगार या शिक्षा के लिए विदेश में रहते हैं (भारतीय पासपोर्ट धारक)।
  2. भारतीय मूल के व्यक्ति (PIOs): जिनके पूर्वज भारतीय थे लेकिन अब उनके पास विदेशी नागरिकता है।
  3. OCI (ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया): एक विशेष दर्जा जो विदेशी नागरिकों (पाकिस्तान/बांग्लादेश को छोड़कर) को भारत में रहने और काम करने की अनुमति देता है।

भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ और आर्थिक शक्ति

1. प्रेषण (Remittances) का पावरहाउस:

विश्व बैंक की रिपोर्टों के अनुसार, भारत लगातार दुनिया का शीर्ष प्रेषण प्राप्तकर्ता (Top Remittance Recipient) बना हुआ है।

  • र्थिक प्रभाव: यह पैसा भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को मजबूत करता है और चालू खाता घाटे (CAD) को कम करने में मदद करता है।
  • जमीनी स्तर पर: यह पैसा सीधे परिवारों के पास जाता है, जिससे गरीबी कम होती है और शिक्षा/स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ता है।

2. ‘लिविंग ब्रिज’ (Living Bridge) और सांस्कृतिक कूटनीति:

भारतीय प्रवासी जिन देशों में रहते हैं, वहां वे भारतीय संस्कृति, योग, आयुर्वेद और त्योहारों के राजदूत बन जाते हैं।

  • राजनीतिक प्रभाव: ऋषि सुनक (यूके), कमला हैरिस (यूएसए), और कई अन्य भारतीय मूल के नेताओं का उदय वैश्विक राजनीति में भारतीय समुदाय के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। इसे ‘डायस्पोरा डिप्लोमेसी’ कहा जाता है।

3. ब्रेन ड्रेन बनाम ब्रेन गेन (Brain Drain vs. Brain Gain):

पहले जिसे ‘प्रतिभा पलायन’ (Brain Drain) माना जाता था, अब उसे ‘ब्रेन सर्कुलेशन’ या ‘ब्रेन गेन’ के रूप में देखा जा रहा है। विदेश में सफल भारतीय अब भारत में स्टार्टअप्स में निवेश कर रहे हैं और तकनीक हस्तांतरण में मदद कर रहे हैं।

Challenges (चुनौतियाँ)

  • भू-राजनीतिक अस्थिरता: पश्चिम एशिया (Middle East) में संघर्ष (जैसे इजरायल-हमास या अन्य तनाव) वहां रहने वाले लाखों भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं।
  • वीज़ा नीतियां: अमेरिका और यूरोप में सख्त आव्रजन नियम (जैसे H-1B वीजा मुद्दे) पेशेवरों के लिए चुनौतियां हैं।
  • शोषण: कई बार कम कुशल श्रमिकों को एजेंटों द्वारा ठगा जाता है या विदेशों में खराब परिस्थितियों में काम करना पड़ता है।

Government Initiatives (सरकारी पहल)

  • प्रवासी भारतीय दिवस (PBD): हर दो साल में (9 जनवरी को) आयोजित किया जाता है ताकि डायस्पोरा के साथ जुड़ाव मजबूत हो सके।
  • ई-माइग्रेट (e-Migrate) सिस्टम: सुरक्षित और कानूनी प्रवास सुनिश्चित करने के लिए।
  • बचाव अभियान: ऑपरेशन कावेरी (सूडान), ऑपरेशन अजय (इजरायल), ऑपरेशन गंगा (यूक्रेन) – यह दर्शाता है कि सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

UPSC Lens

Prelims Relevance:

  • तर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस: 18 दिसंबर।
  • प्रवासी भारतीय दिवस: 9 जनवरी (गांधीजी की दक्षिण अफ्रीका से वापसी की याद में)।
    शीर्ष प्रेषण प्राप्तकर्ता देश: 1. भारत, 2. मेक्सिको/चीन (क्रम बदलता रहता है, नवीनतम डेटा देखें)।

Mains Relevance (GS Paper 2):

  • भारतीय डायस्पोरा भारत और पश्चिम के बीच संबंधों में एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाता है।”
  • “डायस्पोरा का महत्व केवल प्रेषण भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे भारत की सॉफ्ट पावर का विस्तार हैं।

मुख्य तथ्य (Key Facts)

श्रेणी

विवरण

शीर्ष गंतव्य (भारतीयों के लिए)

अमेरिका, यूएई, मलेशिया, सऊदी अरब

प्रेषण का योगदान

भारत की GDP का लगभग 3-4%

LMDS (Labour Mobility Partnership)

भारत ने हाल ही में जर्मनी, जापान आदि के साथ प्रवासन और गतिशीलता समझौते किए हैं।

Practice Questions

Prelims MCQ:
प्रवासी भारतीय दिवस (PBD) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह हर साल 9 जनवरी को मनाया जाता है।
2. यह उस दिन को चिह्नित करता है जब महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे।
3. विदेश मंत्रालय इस आयोजन का नोडल मंत्रालय है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (b) (कथन 1 गलत है क्योंकि 2015 के बाद से यह द्विवार्षिक यानी हर दो साल में एक बार मनाया जाता है।)

Mains Question:
“भारतीय डायस्पोरा को अब ‘प्रतिभा पलायन’ (Brain Drain) के रूप में नहीं, बल्कि ‘रणनीतिक संपत्ति’ (Strategic Asset) के रूप में देखा जाता है।” भारत के आर्थिक और कूटनीतिक हितों को आगे बढ़ाने में डायस्पोरा की भूमिका का विश्लेषण करें। (15 अंक, 250 शब्द)

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस हमें याद दिलाता है कि सीमाएं केवल नक्शों पर होती हैं, प्रतिभा और मानवीय आकांक्षाओं पर नहीं। एक ‘आत्मनिर्भर’ और ‘विकसित’ भारत के निर्माण में, हमारे प्रवासी भारतीय न केवल वित्तीय भागीदार हैं, बल्कि वे उस ‘वैश्विक परिवार’ (वसुधैव कुटुम्बकम) का हिस्सा हैं जो भारत की कीर्ति को विश्व भर में फैला रहे हैं।


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